मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल संचालक की कथित तौर पर सुनियोजित हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, स्कूल संचालक अतुल कुमार (32) की पत्नी दामिनी (30) ने अपने प्रेमी तुषार पायला और दो सपेरों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। आरोप है कि हत्या से पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाई गईं और देर रात उनके बिस्तर पर करैत सांप छोड़ दिया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद दामिनी ने प्रेमी और सपेरों को वहां से भेज दिया और खुद अपने बेटे के साथ दूसरे कमरे में जाकर सो गई। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे वह कमरे में पहुंची और शोर मचाते हुए परिजनों को बताया कि अतुल को सांप ने काट लिया है। कमरे में सांप मौजूद था और अतुल के पैर पर डसने के निशान भी मिले, जिससे शुरुआती तौर पर मामला सामान्य सर्पदंश का प्रतीत हुआ।

हालांकि पूछताछ के दौरान दामिनी ने बताया कि गर्मी लगने के कारण वह रात में बेटे के साथ दूसरे कमरे में सोने चली गई थी। उसके इस बयान पर परिजनों को संदेह हुआ और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दामिनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उसकी कॉल डिटेल की जांच की। जांच में स्कूल के वैन चालक तुषार पायला से लगातार संपर्क होने की जानकारी मिली। इसके बाद तुषार को हिरासत में लिया गया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ में तुषार ने पूरी साजिश का खुलासा किया। उसके अनुसार, वह और दामिनी एक-दूसरे से प्रेम करते थे तथा अतुल उनके संबंधों में बाधा बन रहे थे। अतुल ने 20 लाख रुपये का बीमा कराया था और कथित योजना यह थी कि हत्या के बाद बीमा की राशि प्राप्त कर दोनों नई जिंदगी शुरू करेंगे। इसी उद्देश्य से दो सपेरों को कथित तौर पर पांच लाख रुपये का लालच देकर साजिश में शामिल किया गया। पुलिस ने पत्नी, प्रेमी और दोनों सपेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान दामिनी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

सात साल पहले हुई थी लव मैरिज
अतुल कुमार मेरठ के भंडोरा गांव के निवासी थे और तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके पिता अजब सिंह खेती करते हैं, जबकि मां संतोष देवी गृहिणी हैं। बड़े भाई कुलदीप सेना से सेवानिवृत्त हैं और दूसरे भाई मनदीप का चार वर्ष पहले निधन हो चुका है।
दामिनी ने डबल एमए और बीएड की पढ़ाई की थी। सात वर्ष पहले अतुल ने परिवार के विरोध के बावजूद उससे प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में अतुल एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन चार वर्ष पहले नौकरी छोड़कर उन्होंने “कृष्ण किड्स प्ले स्कूल” शुरू किया, जिसे वह अपनी पत्नी के साथ संचालित करते थे। स्कूल में नर्सरी से कक्षा पांच तक की पढ़ाई होती है और लगभग 150 छात्र अध्ययनरत हैं।
परिवार से अलग रहने लगे थे
अतुल के पिता अजब सिंह के अनुसार, दामिनी का परिवार के साथ अक्सर विवाद रहता था। उसने एक पुरोहित की सलाह का हवाला देते हुए कुछ वर्षों तक परिवार से अलग रहने की बात कही थी। इसके बाद अतुल, दामिनी और उनका छह वर्षीय बेटा हस्तिनापुर में किराये के मकान में रहने लगे।
पुलिस के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले तुषार पायला स्कूल में 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर वैन चालक के रूप में नियुक्त हुआ था। इसी दौरान उसकी और दामिनी की नजदीकियां बढ़ीं और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। पुलिस का कहना है कि दोनों शादी करना चाहते थे और इसी वजह से अतुल की हत्या की साजिश रची गई।
पहले भी की गई थी हत्या की कोशिश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दामिनी पिछले करीब एक वर्ष से पति की हत्या की योजना बना रही थी। कुछ समय पहले अतुल की कार को कथित तौर पर एक अर्टिगा वाहन से टक्कर भी मारी गई थी, लेकिन उस मामले में दामिनी ने शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया था।
जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि दामिनी लंबे समय से अतुल के खाने में नशीली दवाएं मिला रही थी। अतुल को इस बात का संदेह हो गया था और उन्होंने अपनी मां से भी इसका जिक्र किया था। लगातार तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें कई बार अस्पताल में भर्ती भी कराना पड़ा।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान ही आरोपों की पुष्टि होगी।
